तबादला नीति को दरकिनार कर तबादलें किये जाने से नाराज- डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ

एक सप्ताह में तबादला सूची न सुधारी तो प्रान्तव्यापी आन्दोलन-

धरने के दूसरे दिन विद्यायकों की शिकायतों का पुलिंदा खोला-

जाॅच में दोषी पाओं तो करो कार्रवाई, अन्यथा उत्पीड़न बर्दाश्त नही-

लखनऊ(अपवा न्यूज़) दिनांक 16 जुलाई, 2019 : जनप्रतिनिधियो और बड़े ठेकेदारों की साठगाठ के आधार पर तबादला नीति को दरकिनार कर तबादलें किये जाने से नाराज लोक निर्माण विभाग डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने आज दर्जनों विधायकों के सिफारिशी शिकायती पत्रों को दिखाते हुवे कहा कि यह इस बात  का प्रमाण है कि विधायकों ने दबंग और पूंजीपति ठेकेदारों से साठगाॅठ कर काम करने वाले जूनियर इंजीनियरों के तबादलें की सिफारिश की हैं।  इस आधार पर कईयों तबादलें करने सूचना आ रही है। यह एक प्रकार से उत्पीड़न है। उन्होंने कहा कि अगर शिकायत सही है तो कार्रवाई करे, निलम्बित करें, बर्खास्त करें, लेकिन फर्जी और झूठे आधार पर तबादला किया जाना सीधे उत्पीड़न है। इसे बर्दाश्त नही कियाजाएगा । उन्होंने तबादला सूची में एक सुधार के लिए एक सप्ताह में सुधार की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा न किये जाने पर संघ सीधे प्रान्तीय आन्दोलन पर मजबूर होजायेगा । इसके साथ ही यह धरना फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
जूनियर इंजीनियरों ने आज दूसरे दिन मुख्यालय पर प्रमुख अभियंता ग्रामीण संड़क आर.सी. बर्नवाल के कार्यालय के समक्ष धरना देकर जोरदार विरोध दर्ज कराया।धरने की अध्यक्ष कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर राय एवं संचालन अतिरिक्त महामंत्री इं. एन.डी. द्विवेदी द्वारा किया गया। धरने को सम्बोधित करते हुए संघ के प्रदेश महामंत्री इं. बी.के. कुशवाहा ने कहा कि 16 जुलाई को तबादला सूची की समीक्षा के उपरान्त यह पाया गया कि कई जूनियर इंजीनियरों को झूठे आरोप लगाकर और सिफारिश पत्रों के आधार पर तबादला किया गया है। अगर एक सप्ताह में संशोधित तबादला सूची जारी नही हुई तो  ऐसा आन्दोलन होगा जिसमें प्रदेश भर का विकास कार्य  ठप्प करने का निर्णय लिया जा सकता है।
इस धरने को सम्बोधित करते हुए  प्रदेश महामंत्री इं. बी.के. कुशवाहा ने कहा कि  क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि स्थानीय ठेकेदारों के उकसाने पर जूनियर इंजीनियरों की झूठी शिकायत कर रहे है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा कि गुणवत्ता  पर जूनियर इंजीनियर नजर रखता है। ऐसे में ठेेकेदार मनमानी करते हुए गुणवत्ता प्रभावित करते है जिसका सीधे विरोध वहाॅ तैनात जूनियर इंजीनियर द्वारा किया जाता है। ऐसे  में ठेकेदारों का सबसे पहला दूश्मन जूनियर इंजीनियर हो जाता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी जूनियर इंजीनियर के खिलाफ शिकायत है तो पहले उसकी जाॅच कराये, दोषी पाए जाने पर निलम्बित करे फिर तबादला करे, केवल शिकायत के आधार पर स्थानान्तरण नीति के विरूद्ध तबादलें बर्दाश्त नही होगें हम प्रदेश व्यापी आन्दोलन करेगें। उन्होंने बताया कि इसी तरह 2011 में विभाग में स्थानान्तरण नीति को दरकिनार कर तबादले किये गए थे जिसकी शिकायत लोकायुक्त से करने के उपरान्त तत्कालीन प्रमुख अभियंता को दोषी मानते हुए उनकी पेंशन रोकी गई थी। धरने को सम्बोधित करते हुए अतिरिक्त महामंत्री इं. एन.डी. द्विवेदी ने बताया कि यह धरना तबादलें से जुड़ी पाॅच सूत्रीय मांगों को लेकर दिया जा रहा है। जिसमें स्थान्तारण नीति का अंक्षरशः पालन किया जाए तथा स्थानान्तरण प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाए। झूठी शिकायतों के आधार पर स्थानान्तरण न किया जाए। अवर अभियंताओं के विरूद्ध की गयी शिकायतों का शासनादेश के आलोक मेें परीक्षण किया जाए। विभागीय नीति के अनुसार गुणवत्ता पूर्वक कार्य कराने वाले अवर अभियंताओं का उत्पीडन स्थानान्तर के द्वारा न किया जाए। इस धरने में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पूर्व अध्यक्ष रामजी तिवारी, परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव इसके अलावा इं. पंकज सिंह चैहान,  इं. श्रीयोधन आर्या,  मंत्री वित्त इं. रमेश कान्त,  इं. एस.के. पाण्डेय, इं. इं. संतोष कुमार मिश्र, इं. रामवीर यादवएइं. राकेश कुमार गोयल,  इं. राजेश कुमार,  इं. प्रकाश चन्द्र, इं. अरूण कुमर मिश्र, म इं. मो. याकूब,इं. राकेश कुमार त्रिपाठी, मंत्री सिविल, इं. रविकुमार वर्मा,  इं. अरूण कुमार तिवारी,  इं. रूचि गुप्ता, इं. अक्षयवीर सिंह, इं. ओम प्रकाश यादव,  अदि ने सम्बोधित किया।

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