उ0प्र0 नगर निगम (सम्पत्ति कर) (तृतीय संशोधन) नियमावली, 2019 प्रख्यापित

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश नगर निगम (सम्पत्ति कर) (तृतीय संशोधन) नियमावली, 2019 के प्रख्यापन के प्रस्ताव को अनुमति प्रदान कर दी है। 
ज्ञातव्य है कि उ0प्र0 नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा-172 में नगर निगम सीमा में स्थित भवन और भूमि पर सम्पत्ति कर लगाए जाने का प्राविधान है। सम्पत्ति कर के अंतर्गत सामान्य कर (भवन कर), जल कर और जल-निस्सारण कर (सीवर कर) आते हैं। यह कर भवन या भूमि के वार्षिक मूल्य के आधार पर लगाए जाते हैं। कर-निर्धारण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और वस्तुनिष्ठ बनाने के उद्देश्य से उ0प्र0 नगर निगम अधिनियम, 1959 में संशोधन कर नगर निगमों में आवासीय भवनों के सम्पत्ति कर के लिए स्व-निर्धारण का विकल्प लागू किया गया और उ0प्र0 नगर निगम (सम्पत्ति-कर) नियमावली, 2000 बनायी गयी। वर्ष 2009 में उ0प्र0 नगर निगम अधिनियम, 1959 में संशोधन कर अनावासीय भवनों के कर निर्धारण के लिए भी स्व-कर निर्धारण का प्राविधान कर उ0प्र0 नगर निगम (सम्पत्ति कर) (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2013 अधिसूचना दिनांक 27 दिसम्बर, 2013 द्वारा प्रख्यापित की गयी।
उ0प्र0 नगर निगम (सम्पत्ति कर) (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2013 में सम्पत्तियों के श्रेणी विभाजन में विसंगति और असमानता को दूर कर इसे तर्कसंगत, सरल और जनहित के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश नगर निगम (सम्पत्ति कर) (तृतीय संशोधन) नियमावली, 2019 प्रख्यापित कर अधिकतम 120 वर्गफीट क्षेत्रफल की दुकानों यथा चाय, दूध, बे्रड, अण्डों, पान, धोबी/लाॅण्ड्री, फलों और सब्जियों, फोटोस्टेट, नाई/हेयर डेªसर और दर्जी की दुकान पर आवासीय भवनों हेतु नियत दर का डेढ़ गुना कर निर्धारण किया जाना प्रस्तावित है।

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