उ0प्र0 का राज्य संप्रतीक (अनुचित प्रयोग प्रतिषेध) विधेयक 2019 को आगामी विधान मण्डल सत्र में पुरःस्थापित किये जाने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश का राज्य संप्रतीक (अनुचित प्रयोग प्रतिषेध) विधेयक 2019 को आगामी विधान मण्डल सत्र में पुरःस्थापित किये जाने का निर्णय लिया है। 
ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार का प्रतीक चिन्ह (लोगो) राज्य सरकार की गरिमा एवं अधिकारिता का द्योतक होता है। राज्य स्तर पर प्रचलित किसी विधि व्यवस्था के अभाव में राज्य सरकार के प्रतीक चिन्ह का अनाधिकृत प्रयोग फिलहाल दण्डनीय अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। भारत के ‘राज्य संप्रतीक’ ;ैजंजम म्उइसमउद्ध के उपयोग को विनियमित करने हेतु भारत सरकार द्वारा ‘भारत का राज्य संप्रतीक (प्रयोग का विनियम) अधिनियम, 2005’ बनाया गया है, जिसके अनाधिकृत प्रयोग को दण्डनीय अपराध घोषित किया गया है। 
भारत सरकार द्वारा बनाए गए अधिनियम के अनुरूप ही राज्य सरकार के संप्रतीक चिन्ह के प्रयोग को विनियमित करने तथा उसके अनाधिकृत प्रयोग को दण्डनीय अपराध घोषित करने के उद्देश्य से विधि बनायी जानी है। इस हेतु ‘उत्तर प्रदेश का राज्य संप्रतीक (अनुचित प्रयोग प्रतिषेध) विधेयक, 2019’ के विधान मण्डल के आगामी सत्र में पुरःस्थापन, विचारण एवं पारण सम्बन्धी प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।

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