डॉक्‍टर जितेन्‍द्र सिंह ने बेंगलुरू में ‘उन्‍नति’ – यूनिस्‍पेस नेनोसेटेलाइट असेम्‍बली एंड ट्रेनिंग प्रोगाम ऑफ इसरो, का उद्घाटन किया

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के लिए पिछले पांच वर्षों के दौरान अधिक बजटीय आवंटन उपलब्‍ध कराया गया है। अब इसका सड़कों, रेल-लाइनों और आपदा प्रबंधन जैसे अधिक महत्‍वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों में उपयोग किया जा रहा है। ऐसा केन्‍द्रीय परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष, पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास (स्‍वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, जन-शिकायतें एवं पेंशन राज्‍य मंत्री डॉक्‍टर जितेन्‍द्र सिंह ने आज बेंगलुरू में इसरो द्वारा आयोजित उन्‍नति (यूनिस्‍पेस नेनासेटेलाइटअसेम्‍बली एंड ट्रेनिंग) कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा।
उन्‍होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग हमारी दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों में अधिक से अधिक हो रहा है। भारत में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का हर घर में प्रवेश हो चुका है। अंतरिक्ष सुरक्षा को भविष्‍य में सर्वोच्‍च प्राथमिकता दी जायेगी। उन्‍होंने विभिन्‍न उपग्रहों के प्रक्षेपणअंतरिक्ष कार्यक्रमोंविशेष रूप से चन्‍द्रयान मिशन को शुरू करने में इसरो के प्रयासों की सराहना की।
उन्‍नति नेनो सेटेलाइट विकास पर एक क्षमता निर्माण कार्यक्रम है जो बाह्य अंतरिक्ष (यूनिस्‍पेस- 50) की खोज और शांतिपूर्ण प्रयोग के बारे में पहले संयुक्‍त राष्‍ट्र सम्‍मेलन की 50वीं सालगिरह मनाने के लिए इसरो की एक पहल है। यह कार्यक्रम नेना सेटेलाइट की असेम्‍बलिंगएकीकरण और परीक्षण में मजबूती लाने के लिए प्रतिभागी विकासशील देशों को अवसर उपलब्‍ध कराता है। उन्‍नति कार्यक्रम की इसरो के यू.आर. राव उपग्रह केन्‍द्र द्वारा तीन साल के लिए तीन बैचों में आयोजित करने की योजना है। इससे 45 देशों के अधिकारियों को लाभ पहुंचाने की योजना है। पहला बैच आज शुरू हुआ हैजिसमें 17 देशों के 30 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसरो के चेयरमैन डॉक्‍टर के. सिवन ने इसरो द्वारा चलाई जा रही विभिन्‍न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी और गणमान्‍य व्‍यक्ति भी उपस्थित थे।

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