नीति आयोग अंडमान एवं निकोबार और लक्षद्वीप में पीपीपी आधार पर पारिस्थितिकी पर्यटन के विकास के लिए निवेश आकर्षित करने हेतु निवेशक सम्मे्लन की मेजबानी करेगा..
दिल्ली: 9 अगस्त, 2018 नीति आयोग विभिन्न द्वीपों के समग्र विकास के लिए प्रवासी भारतीय केन्द्र में 10 अगस्त, 2018 को निवेशक सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस सम्मेलन का उद्घाटन नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कांत करेंगे। इस सम्मेलन के दौरान अंडमान एवं निकोबार और लक्षद्वीप में पारिस्थितिकी पर्यटन के सतत विकास के लिए निवेश आकर्षित किया जाएगा।
उपयुक्त जोखिम हिस्सेदारी मॉडल के तहत और खुली प्रतिस्पर्धी बोलियों के जरिये निजी क्षेत्र की साझेदारी के साथ 11 प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं को क्रियान्वित करने का प्रस्ताव है। नीति आयोग संबंधित केन्द्र शासित प्रदेश के प्रशासन के साथ मिलकर 10 अगस्त, 2018 को निवेशक सम्मेलन आयोजित करेगा।
द्वीपों के सतत विकास और समग्र नौवहन विकास को सरकार उच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। माननीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में एक शीर्ष निकाय द्वीप विकास एजेंसी (आईडीए) का गठन जून 2017 में किया गया था, जबकि नीति आयोग को संबंधित केन्द्र शासित प्रदेश के प्रशासन/राज्य सरकारों के साथ मिलकर समग्र द्वीप विकास कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का जिम्मा सौंपा गया है। इस कार्यक्रम के तहत पहले चरण में समग्र विकास के लिए अंडमान एवं निकोबार और लक्षद्वीप के 10 द्वीपों का काम हाथ में लिया गया है।
अंडमान एवं निकोबार के स्मिथ, ऐव्स, लॉन्ग, नील तथा लिटिल अंडमान द्वीप और लक्षद्वीप के कदमत, सुहेली एवं मिनीकॉय द्वीपों में सरकार के स्वामित्व वाली भूमि पर उपर्युक्त पर्यटन परियोजनाओं की गई है। इन 11 परियोजनाओं में से सात परियोजनाएं (अंडमान एवं निकोबार में चार और लक्षद्वीप में तीन) 'शुभारंभ के लिए तैयार' स्थिति में हैं। विस्तृत भूमि सर्वेक्षण, परियोजना स्थलों के सीमांकन, परियोजना से जुड़े द्वीपों में क्षमता आकलन, सीआरजे अनुप्रयोग एवं संभाव्यता पूर्व अध्ययन का काम शुरू किया गया है।
उपयुक्त जोखिम हिस्सेदारी मॉडल के तहत और खुली प्रतिस्पर्धी बोलियों के जरिये निजी क्षेत्र की साझेदारी के साथ 11 प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं को क्रियान्वित करने का प्रस्ताव है। नीति आयोग संबंधित केन्द्र शासित प्रदेश के प्रशासन के साथ मिलकर 10 अगस्त, 2018 को निवेशक सम्मेलन आयोजित करेगा।
द्वीपों के सतत विकास और समग्र नौवहन विकास को सरकार उच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। माननीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में एक शीर्ष निकाय द्वीप विकास एजेंसी (आईडीए) का गठन जून 2017 में किया गया था, जबकि नीति आयोग को संबंधित केन्द्र शासित प्रदेश के प्रशासन/राज्य सरकारों के साथ मिलकर समग्र द्वीप विकास कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का जिम्मा सौंपा गया है। इस कार्यक्रम के तहत पहले चरण में समग्र विकास के लिए अंडमान एवं निकोबार और लक्षद्वीप के 10 द्वीपों का काम हाथ में लिया गया है।
अंडमान एवं निकोबार के स्मिथ, ऐव्स, लॉन्ग, नील तथा लिटिल अंडमान द्वीप और लक्षद्वीप के कदमत, सुहेली एवं मिनीकॉय द्वीपों में सरकार के स्वामित्व वाली भूमि पर उपर्युक्त पर्यटन परियोजनाओं की गई है। इन 11 परियोजनाओं में से सात परियोजनाएं (अंडमान एवं निकोबार में चार और लक्षद्वीप में तीन) 'शुभारंभ के लिए तैयार' स्थिति में हैं। विस्तृत भूमि सर्वेक्षण, परियोजना स्थलों के सीमांकन, परियोजना से जुड़े द्वीपों में क्षमता आकलन, सीआरजे अनुप्रयोग एवं संभाव्यता पूर्व अध्ययन का काम शुरू किया गया है।
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