कैसे खुद से इकट्ठे कण जीवित कोशिकाओं की गतिशीलता को समझने के लिए रास्ता दिखा सकते हैं, इस बारे में नया संकेत मिला
क्या ऐसे कण जो एक-दूसरे के साथ संघनित अवस्थाओं के रूप में संपर्क करने से इनकार करते हैं, जैसे ठोस और तरल पदार्थ एक साथ लाए जा सकते हैं? जब उन्हें छोड़ दिया जाता है तो बिना किसी आकर्षण के ये कण कैसे इन संरचनाओं को बनाते हैं? वैज्ञानिकों को अब यह निर्धारित करने के लिए एक सुराग मिल गया है कि कणों के एक अनोखे वर्ग का उपयोग करके खुद से इकट्ठे संरचनाओं को कैसे बनाया जा सकता है, जो एक-दूसरे से संपर्क नहीं करते एवं जिनमें नॉन-सुपर इम्पोजेबल मिरर फोटो (काइरल) होती हैं।
कणों की निर्माण इकाइयों की स्थैतिक संरचना में आणविक किरेलिटी कूटबद्ध होते हैं। सभी को इसकी जानकारी है कि इसके परिणामस्वरूप जो संपर्क होता है, वे त्रिविम-विशिष्ट होते हैं। हालांकि, कई तंत्रों में कण कैसे चलते हैं, इसके साथ किरेलिटी जोड़ा जा सकता है।
इस तरह की काइरल गतिविधि कणों के बीच त्रिविम-विशिष्ट अंत:क्रियाओं का परिचय दे सकती हैं, जो अभी भी वैज्ञानिकों के लिए अज्ञात है। काइरल गतिविधि की भूमिका की जांच करके, वैज्ञानिकों के समूह ने पहली बार दिखाया है कि वस्तुएं खुद को तब भी पहचान सकती हैं, जब उनका आकार काइरल न हो। इसके अलावा वे दो तरह के डाइमर्स- ‘मूवर्स’ एवं ‘स्पिनर्स’ में सहज धुंधलापन की रिपोर्ट करते हैं।
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