सागरमाला पहल: विशाखापत्तनम में मेरीटाइम एंड शिप बिल्डिंग सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (सीइएमएस) में अत्याधुनिक प्रयोगशाला
समुद्रीय और जहाज निर्माण के क्षेत्र में कौशल विकास के लिए पर्याप्त रूप से वित्त पोषित स्टार्टअप मेरीटाइम एंड शिप बिल्डिंग सेंटर ऑफ एक्सिलेंस ने घोषणा की है कि विशाखापत्तनम में स्थित उसकी अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं प्रशिक्षुओं के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम संचालित करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इस बारे में हितधारकों को जानकारी देने के लिए विशाखापत्तनम में 13 जुलाई को एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया था। सीएमएस के मुंबई प्रयोगशाला के तैयार होने के कुछ ही समय बाद विशाखापत्तनम प्रयोगशाला के तैयार होने की जानकारी दी गई है। सीइएमएस को इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग के जरिए सिमेन्स और जहाजरानी मंत्रालय के संयुक्त सहयोग से प्रमोट किया गया है। सीइएमएस का विशाखापत्तनम केंद्र इंडियन मेरिटाइम यूनिवर्सिटी (आईएमयू) के परिसर में स्थित है।
जहाजरानी मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्री कैलाश अग्रवाल ने सीइएमएस के बारे में कहा कि यह सागरमाला कार्यक्रम के तहत जहाज निर्माण और जहाजों की मरम्मत के लिए कौशल विकास की एक अहम पहल है। इसके जरिए छात्रों को जहाज निर्माण के क्षेत्र में कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा साथ ही इससे मेरीटाइम क्षेत्र में मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया के प्रयासों को भी बढ़ावा मिलेगा।
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