गोरखपुर टेरर फंडिंग मामले का मास्टर माइंड यूपी एटीएस एवं महाराष्ट्र एटीएस की संयुक्त टीम द्वारा गिरफ्तार..

दिनांक रू 21 जूनए 2018 गोरखपुर टेरर फंडिंग प्रकरण में वांछित चल रहे मास्टर माइंड रमेश शाह को दिनांक 19ण्6ण्18 को महाराष्ट्र के पुणे से एटीएस उण्प्रण् की कानपुर इकाई व महाराष्ट्र एटीएस की संयुक्त टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया जिसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है जहाँ माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर पुलिस कस्टडी रिमांड प्राप्त कर अग्रिम पूछताछ की जाएगी स
उल्लेखनीय है कि दिनांक 24ण्3ण्18 को यूपी एटीएस टीम द्वारा जनपद गोरखपुर से छः अभियुक्तगण को पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर आपराधिक षड्यंत्र व कूटरचना करते हुए विभिन्न बैंक खातों में भारत के विभिन्न स्थान से भारी धनराशि मंगवाकरए भिन्न भिन्न जगहों व लोगों को वितरित करने के सम्बन्ध में मुण्अण्संण्.03ध्2018ए धारा.420ए467ए468ए471ए120बीए121ए आईपीसीए थाना.एटीएसए लखनऊ में  दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था स इस पूरे नेटवर्क का सरगना रमेश शाह ही था 
    उक्त अभियोग में गिरफ्तार अभियुक्तगणों से पूछताछ व अन्य स्रोतों से प्राप्त जानकारी  के अनुसार ज्ञात हुआ कि मुख्य रूप से मास्टर माइंड रमेश शाह के द्वारा ही पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर भारत के विभिन्न प्रान्तों से भिन्न.भिन्न  तिथियों में भारी धनराशि जमा कराई गयी है 
     रमेश शाह को ही यह जानकारी होती थी कि विभिन्न बैंक खातों से धन  किससे आहरित करवाकर पाकिस्तानी हैंडलर के पास कैसे भेजना है 
    इसके निर्देशों पर ही मध्य.पूर्व के राष्ट्रोंए जम्मू.कश्मीरए केरल व पूर्वोत्तर के कई राज्यों से एक करोड़ रूपये से भी ज्यादा का धन प्राप्त किया गया और निकाल कर भिन्न.भिन्न स्थानों पर वितरित किया गया 
    रमेश को ही इन्टरनेट काल के माध्यम से पता चलता था कि धन आ गया है और फिर मुकेशए रमेश के ही कहने पर खाताधारकों को फ़ोन करके पैसा आने की पुष्टि करता था व खाता धारकों को उनका हिस्सा देकर बाकी पैसा निकलवा लेता था जो रमेश के ही बताए हुए लोगो को वितरित किया जाता था  
    रमेश शाह उक्त अभियोग में वांछित चल रहा था जिसकी गिरफ्तारी हेतु न्च् ।ज्ै द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा था व इस संबंध में अन्य सुरक्षा एजेंसियों से भी सहायता प्राप्त की जा रही थी

    इन्ही प्रयासों के क्रम में एटीएस की कानपुर इकाई भी महाराष्ट्र के पुणे में अभिसूचना संकलन कर रही थी जहाँ से प्रकरण के सरगना रमेश शाह की गिरफ्तारी हुई 
    रमेश इसी अभियोग में पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्त मुकेश कुमार के साथ किराये पर रामजी पाठक के मकान में रह रहा था 
    इसके द्वारा उक्त अपराध से प्राप्त धन का प्रयोग इसके स्वयं के प्रतिष्ठान  सत्यम मार्ट जैसे व्यवसाय में किया जाता था 
    यह कम्प्यूटर का अच्छा जानकार है व कूटरचित प्रपत्रों को तैयार करने का माहिर है 
    हवाला व्यापारी और विदेशी हैंडलर को कब पैसे जाने होते हैं यह सिर्फ रमेश शाह ही जानता है 

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