पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा प्राइवेट सुरक्षा अभिकरणों/कैश एण्ड़ कैरी के संचालकों के साथ गोष्ठी..
वर्ष 2017-2018 में कुल 178 नये लाइसेंस निर्गत किये गये हैं। अब तक कुल 1227 प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण प्राप्त लाइसेंस निर्गत किये गये हैं।
बैठक में निम्न बिन्दुओं पर विचार-विमर्श करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गयेः-
1 गार्ड/सुरपवाइजरों की नियुक्ति उ0प्र0 प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण नियमावली-2009 की धारा-06 में निर्धारित शारीरिक मापदण्ड़ के अनुसार की जाय।
2 प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण के गार्ड/सुपरवाइजरों/ एरिया मैनेजरों सहित अभिकरण के सभी कर्मियों का चरित्र एवं पूर्णवृत्त का सत्यापन पुलिस से अवश्य कराया जाय।
3 उ0प्र0 प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण नियमावाली के अनुसार बाह्य/आन्तरिक प्रशिक्षण प्रदान कर दक्ष गार्ड/सुपरवाइजरों को सेवाओं में लगाया जाय।
4 प्राइवेट सुरक्षा गार्डो द्वारा प्रायः खाकी/मिलेट्री कलर की वर्दी धारण करने से भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है, अतः उ0प्र0 प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण नियमावली-2009 /2005 के प्राविधानों के अधीन किसी भी दशा में सेना/अर्द्ध सैनिक बल एवं राज्य पुलिस की वर्दी या उससे मिलती-जुलती वर्दी धारण न करायी जाय।
5 सशस्त्र गार्डो का भली-भाॅति सत्यापन कराने के बाद ही उनकी भर्ती की जाय, उनके शस्त्र का लाइसेंस की वैधता की जाॅच अवश्य हो।
6 प्रत्येक गार्ड/सुपरवाइजरों के पास ड्यूटी के दौरान उ0प्र0 प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण नियमावली-2009 के अधीन सम्बन्धित अभिकरण के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी परिचय पत्र अवश्य होना चाहिए।
7 गार्ड/सुपरवाइजरों को वर्ष में एक बार मानव व्यवहार प्रबन्धन से सम्बन्धित रिफ्रेशर कोर्स कराया जाय। रिफ्रेशन कोर्स के दौरान जनपद के प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण के नोडल अधिकारी (अपर पुलिस अधीक्षक) एवं विषय विशेषज्ञ से व्याख्यान कराया जाय।
8 प्रतिवर्ष गार्ड/सुरपरवाइजरों का चिकित्सीय प्रशिक्षण कराया जाय।
9 प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण के कार्यालय कक्ष में लाइसेंस/नोडल अधिकारी का पदनाम व सम्पर्क नम्बर सहित पूर्ण विवरण दृश्य स्थान पर चस्पा किया जाय।
10 प्रायः प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण संचालक लाइसेंस की वैधता तिथि के समाप्त होने के काफी दिनों बाद नवीनीकरण सम्बन्धी आवेदन पत्र कार्यालय मे ंप्रस्तुत करते हैं, यह उचित नही है। अतः आवेदन समयावधि के अन्तर्गत ही किया जाय।
11 ऐसे प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण जिनके द्वारा बैकों/एटीएम में कैश लोड करने तथा पेट्रोल पम्प आदि से कैश लेकर जाने का कार्य किया जा रहा है, वह भारत सरकार द्वारा जारी एसओपी का पालन करें तथा निर्धारित संख्या में गनमैन अवश्य रखें। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा माह अप्रैल-2018 में जारी गाईड लाइन का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। कैश एण्ड कैरी के सन्दर्भ में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित की गयी गाईड लाइन का अनुपालन में किसी प्रकार की शिथिलिता अक्षम्य होगी।
12 कैश हैण्डलिंग में लगाये गये गार्ड/गनमैन के शस्त्रों का समय-समय पर परीक्षण करा लिया जाय।
13 कैशवैन में ड्यूटी में लगे गार्ड/सुपरवाइजरों को भली-भाॅति को अवगत करा दिया जाय कि सन्देह की स्थिति में तत्काल स्थानीय पुलिस/डायल 100 को सूचना दें।
14 अभिकरण में सेवारत गार्ड/सुपरवाइजरों एवं अन्य कर्मियों का पी.एफ. एवं ई.एस.आई.सी. एवं श्रम सम्बन्धी कानूनो/नियमों का नियमानुसार अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय।
15 प्रायः यह देखने में आता है कि गार्ड/अन्य कर्मी अपनी शिकायतों को सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर पाते है, ऐसी देशा में यह आवश्यक है कि प्रत्येक प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण के कार्यालय में शिकायत पेटिका स्थापित की जाये, जिसको प्रतिदिन चेक किया जाय ।
16 यदि अवैध सुरक्षा एजेसियों का संचालन प्रकाश में आता है तो उसकी सूचना सम्बन्धित जनपदीय पुलिस अधीक्षक एवं इस मुख्यालय को अवश्य दी जाय ताकि इन पर अंकुश लगाते हुए आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा सकें।
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