अधिवक्ताओ पर हो रहे हमले रोकने के अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू हो - रास्ट्रीय सँयुक्त अधिवक्ता मंच
गोरखपुर।। राष्ट्रीय सँयुक्त अधिवक्ता मंच भारत (आरएसएएम) गोरखपुर मंडल अध्यक्ष विवेकानन्द द्विवेदी एवं गोरखपुर जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र चतुर्वेदी जी के अगुवाई में सभी पदाधिकारियों के साथ डीएम को दिया गया। प्रदेश में हो रही लगातार अधिवक्ताओं की हत्या एवं अधिवक्ताओं पर हमले की बढ़ती वारदातों के बीच उनकी सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार मध्य प्रदेश की तर्ज पर अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करें, मांग पत्र सहित ज्ञापन प्रेषित
किया गया। रास्ट्रीय सन्युक्त अधिवक्ता मंच के पदाधिकारियो ने पुरजोर विरोध प्रदर्शन कर आक्रोश व्यक्त करने के साथ मांग की गई। आज पूरे भारत मे मुख्यमंत्री को अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन दिया गया। रास्ट्रीय सँयुक्त अधिवक्ता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सेवक गुप्त एवं उत्तरप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अजीतकान्त मिश्र के निर्देशानुसार सभी जिलों में ज्ञापन दिया गया। अधिवक्ता समाज का सजग प्रहरी होने के साथ-साथ लॉ & आर्डर को भी कायम रखने की विधा को परिभाषित करता है । अधिवक्ता समाज में पनप रहे अपराधियों को न्याय प्रक्रिया के अनुरूप अपनी कर्तव्य रूपी सेवा पर अडिग रहकर परोक्ष रूप से समाज व राष्ट्र को भयमुक्त बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाने हेतु अतुलनीय प्रयास निरंतर करता चला आ रहा है ! परंतु आज के सामाजिक परिवेश में अधिवक्ताओं के प्रति अपराधिक षड्यंत्र अपराधिक कृत्य की बढ़ती अवधारणाओं देखते हुए अधिवक्ताओं की सरेआम उत्तर प्रदेश में लगातार हत्याओं का क्रम जारी है जो अधिवक्ता समाज व पूरे राष्ट्र के लिए चिंतनिय व विडंबना का विषय है, परंतु अभी तक सरकार ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा हेतु कोई अधिनियम या कोई सुरक्षा तंत्र व्यवस्था व्यवस्थित या स्थापित नहीं की है जिसके चलते पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल है । अपराधी खुलेआम अधिवक्ताओं की हत्या एवं उनके उनके ऊपर हमले लॉ & ऑर्डर को चुनौती दे रहा है जो भयमुक्त समाज के लिए चुनौतीपूर्ण है । जहां तक अधिवक्ता का सवाल है अधिवक्ता अपने क्लाइंट के पक्ष में सदैव पूर्ण रूप से वफादारी के साथ खड़ा रहता है और अपराधियों को सजा दिलाने का कार्य करता चला अा रहा है और अधिवक्ता इस कर्तव्य रूपी कार्य को करते हुए ला & आर्डर कायम करने के लिए ही करता है परंतु जब उक्त परिस्थितियों को देखते हुए कहीं ना कहीं अधिवक्ताओं के प्रति अपराधियों की कुत्सित भावना के चलते अधिवक्ताओं के साथ आपराधिक कृत्य हत्या जैसी वारदातें घटित होना स्वाभाविक है और निरंतर हो रही है इसलिए संपूर्ण अधिवक्ता समाज अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है ! यहां तक कि ऑर्डर/जजमेंट देने वाले जजों न्यायाधीशों न्याय मूर्तियों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होती है परंतु लॉ & ऑर्डर को कायम रखने हेतु अपना पूरा जीवन समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित करने वाले अधिवक्ता की सुरक्षा न के बराबर है । अभी तक किसी सरकार ने अधिवक्ताओं के लिए कोई अधिनियम या सुरक्षा व्यवस्था तंत्र नहीं स्थापित किया है जोकि आने वाले दिनों में अधिवक्ता समाज एवं संपूर्ण राष्ट्र के लिए घातक सिद्ध होगा जो कि संपूर्ण राष्ट्र के लिए चिंतनीय प्रश्न है और इस प्रश्न का हल एकमात्र उत्तर प्रदेश सरकार तत्काल विधानसभा में बिल पास कर एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने का काम करें । राष्ट्रीय संयुक्त अधिवक्ता मंच उत्तर प्रदेश बार काउंसिल से भी पुरजोर मांग करता है कि वह अपना प्रस्ताव एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट के लिए तत्काल सरकार को भेजें । इस एक्ट को लागू करने का उद्देश्य अधिवक्ताओं की सुरक्षा करना है । एक्ट लागू होने से वकीलों के खिलाफ हो रहे अपराधों पर अंकुश लगेगा इसमें वकील को धमकी देना गैर जमानती अपराध घोषित किया जाए वकील को धमकी देना आपराधिक बल प्रयोग एवं डांट डपट करना गैर जमानती घोषित किया तथा प्रत्येक प्रैक्टिस कर्ता अधिवक्ता सहित एवं उसके परिजन में एक व्यक्ति को शस्त्र लाइसेंस आसानी से निर्गत किया जाए तथा अधिवक्ताओं के मामलों को शीघ्र निस्तारण हेतु फास्ट ट्रेक कोर्ट लाकर किया जाए ।
डीएम को ज्ञापन देने वाले पदाधिकारीयो में रास्ट्रीय सन्युक्त अधिवक्ता मंच गोरखपुर के मंडल अध्यक्ष अधिवक्ता विवेकानंद द्विवेदी, गोरखपुर जिलाध्यक्ष आधिवक्ता शैलेन्द्र चतुर्वेदी, जिला उपाध्यक्ष अधिवक्ता महेंद्र मणि त्रिपाठी,गोरखपुर मंडल मीडिया प्रवक्ता-प्रभारी अधिवक्ता मिनहाज अली सिद्दिक़ी,अधिवक्ता तेज प्रताप सिंह,अधिवक्ता अजितेष मणि त्रिपाठी सहित आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।।।
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