तेज चक्रवाती तूफान ‘फेठई’ पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदल गया
आंध्रप्रदेश और यनाम (पुद्दुचेरी) तटों के लिए खतरे की चेतावनी जारी।
· आज दोपहर काकिनाड़ा के आस-पास लैंडफाल की चेतावनी।
बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य में चक्रवाती तूफान ‘फेठई’ पिछले 6 घंटे के दौरान 24 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ गया है और 17 दिसम्बर, 2018 को भारतीय समय के अनुसार सुबह 08.30 बजे 15.8 डिग्री उत्तर अक्षांश और 82.2 डिग्री पूर्व देशांतर, चेन्नई (तमिलनाडु) से 370 किलोमीटर उत्तर और उत्तर-पूर्व एवं मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 120 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व तथा काकिनाड़ा (आंध्रप्रदेश) से 130 किलोमीटर दक्षिण में केन्द्रित हो गया है। 17 दिसम्बर की दोपहर तक इसके उत्तर की ओर बढ़कर काकिनाड़ा के आस-पास आंध्रप्रदेश के तट की ओर आगे बढ़ने की संभावना है। तथापि, प्रतिकूल पर्यावरणगत स्थितियों के कारण लैंडफाल से पूर्व इनके ओर कमजोर होने की संभावना है। एक चक्रवाती तूफान के रूप में इसके 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से, जिसकी गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है, तट को पार करने की संभावना है।
उपग्रह और अन्य अवलोकनों के अलावा डीडब्लूआर चेन्नई, मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम द्वारा भी 'फेठई' चक्रवात के बारे में पता लगाया जा रहा है। तूफान की दिशा और इसकी प्रबलता का विवरण निम्नलिखित तालिका में दिया गया है-
दिनांक/समय (आईएसटी)
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स्थिति (अक्षांशoउत्तर/
देशान्तरo पूर्व)
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हवा की अधिकतम गति (किलोमीटर प्रति घंटा)
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चक्रवाती विक्षोभ की श्रेणी
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17.12.18/0830
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15.8/82.2
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हवा की गति 80-90 से100
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चक्रवाती तूफान
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17.12.18/1130
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16.2/82.2
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हवा की गति 80-90 से100
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चक्रवाती तूफान
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17.12.18/1730
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17.0/82.5
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हवा की गति 70-80 से90
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चक्रवाती तूफान
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17.12.18/2330
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17.8/83.0
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हवा की गति 50-60 से70
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गहरा विक्षोभ
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18.12.18/0530
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18.4/83.5
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हवा की गति 30-40 से 50
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विक्षोभ
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चेतावनियां :
1. भारी वर्षा की चेतावनी :
क्षेत्र
17 दिसम्बर, 2018*
तटीय आंध्रप्रदेश और आंध्रप्रदेश के कुछ तटीय स्थानों पर अधिकांश रूप से
यमन जिला- भारी से बहुत भारी वर्षा तथा उत्तरी तटीय आंध्रप्रदेश
(पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी, विशाखापत्तनम, कृष्णा,
विजयानगरम श्री काकुलम जिले) और पुद्दुचेरी के यमन
जिले में दूरदराज के जगहों पर बहुत भारी बारिश
(≥ 20 सेमी) होने की संभावना है।
ओडिशा अधिकांश स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने
की संभावना है।
झारखंड अधिकांश स्थानों पर हल्की से भारी बारिश होने की
संभावना है।
छत्तीसगढ़ अधिकांश स्थानों पर भारी और दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।
पश्चिम बंगाल का अधिकांश स्थानों पर बारिश तथा कहीं-कहीं भारी बारिश
गंगा क्षेत्र होने की संभावना है।
2. आंध्र प्रदेश, उत्तरी तमिलनाडु, पुदुच्चेरी एवं दक्षिण ओडिशा तटों में हवा की चेतावनी :
आंध्रप्रदेश और उसके आस-पास 50-65 किलोमीटर से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज़ हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति अगले 12 घंटों में मध्य आंध्र प्रदेश के तट (पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी, विशाखापत्तनम, कृष्णा, गुंटूर, विजयानगरम श्री काकुलम जिले और पुद्दुचेरी के यनम जिला) और उससे दूर 70-90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली तेज हवाओं मे बदलने की संभावना है। 17 दिसम्बर को 30-40 किलोमीटर गति की तेज हवाएं, जिनकी गति 50 किलोमीटर तक हो सकती है, दक्षिण ओडि़शा के तटवर्ती इलाकों में चलने की संभावना है।
3. समुद्री क्षेत्रों के लिए हवा की चेतावनी
प्रणाली केन्द्र के चारों ओर पश्चिमी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे की झंझावत वाली हवा, जिनकी गति 100 किलोमीटर तक हो सकती है, चलने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के ऊपर 30-40 किलोमीटर गति प्रति घंटे की गति से लेकर 50 किलोमीटर की गति वाली तेज हवा चलने की संभावना है।
4. समुद्री स्थिति
बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-मध्य क्षेत्र के समुद्र में ऊफान की स्थिति है। अगले 12 घंटों के दौरान बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य क्षेत्र और आंध्रप्रदेश के तटीय और तट से दूर के क्षेत्रों और पुद्दुचेरी के यनम जिले के ऊपर के क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति में ऊफान रहने की संभावना है। आंध्रप्रदेश के तट के शेष भागों के साथ-साथ और उनसे दूर और तमिलनाडु के तटवर्ती और दूरवर्ती क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति बहुत खराब रहने की संभावना है।
5. तूफानी हवाओं को लेकर चेतावनी:
तूफानी हवाओं के साथ लगभग 0.5 मीटर से 1.0 मीटर बेहद ऊंची लहरों के कारण तटीय आंध्र प्रदेश (पूर्वी एवं पश्चिमी गोदावरी, विशाखापट्टनम, कृष्णा एवं जिले) और पुदुच्चेरी के यनम जिले के निचले स्थानों के जलमग्न होने की संभावना है।
6. तटीय आंध्र प्रदेश (पूर्वी एवं पश्चिमी गोदावरी, विशाखापट्टनम, कृष्णा एवं गुंटूर जिले) और पुदुच्चेरी के यनम जिले में संभावित नुकसान
पेड़ों की डालियों के टूटने के कारण छप्पर वाली झोपड़ियों एवं बिजली तथा संचार लाइनों को नुकसान हो सकता है। कच्ची एवं पक्की सड़कों को बड़ा नुकसान हो सकता है। छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं तथा धान की फसलों, केला, पपीते के पेड़ों एवं बगीचों को भी नुकसान हो सकता है। कच्चे बांधों के क्षरण के बाद निचले क्षेत्रों में समुद्र का पानी घुस सकता है।
7. सुझाए गए कदम
· 17 दिसम्बर को आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में मछली पकड़ने की गतिविधियों को पूरी तरह स्थगित किया गया।
- मछुआरों को 17 दिसम्बर तक बंगाल की खाड़ी एवं आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, उत्तर-तमिलनाडु एवं पुद्दुचेरी तटों के दक्षिण-पश्चिम एवं पश्चिम-मध्य में न जाने की सलाह दी गई है।
- मछुआरों को 17 दिसम्बर को ओडिशा के दक्षिणी तटों के समीप न जाने की सलाह दी गई है।
- जो गहरे समुद्री क्षेत्रों में हैं उन्हें तटों पर लौट आने का सुझाव दिया गया है।
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