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नामांकन के पांचवें दिन 7 नामांकन भरे गए जितेंद्र कुमार सिंह यादव और अमन अग्रवाल ने उपाध्यक्ष पद पर नामांकन पत्र भरा..

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लखनऊ 20 मार्च। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) ने एनेक्सी मीडिया सेंटर लखनऊ में प्रस्तावित 25 मार्च 2026 को होने वाले चुनाव के लिए आज नामांकन के पांचवें दिन 7 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। संयोजक प्रभात त्रिपाठी और चुनाव आयोग मैं शामिल उमेश चंद्र मिश्रा अजीत सिंह सर्बजीत सिंह (सूर्यवंशी) रविशंकर उपाध्याय त्रिनाथ शर्मा और उमाकांत वाजपेई की मौजूदगी में आज नामांकन दाखिल किए गए। नामांकन दाखिल करने वालों में उपाध्यक्ष पद पर जितेंद्र कुमार सिंह यादव और अमन अग्रवाल ने भी उपाध्यक्ष पद पर अपना नामांकन दाखिल किया। इसके साथ ही कार्यकारिणी सदस्य के लिए उषा सिंह. खालिद सिद्दीकी. सियाराम यादव.अनिल तिवारी और धनंजय सिंह ने अपने नामांकन पत्र भरे। नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया 23 तारीख को सोमवार 4:00 बजे तक की जाएगी। उसके बाद अंतिम मतदाता सूची और प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी जाएगी। मतदान 25 मार्च को सुबह 11:00 बजे से देर शाम तक जारी रहेगा और उसी दिन परिणाम आ जाएंगे।

उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) लखनऊ का पहला निर्वाचन (चुनाव) 25 माच॔ 2026 को..

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लखनऊ। पत्रकारो की समस्या के लिए गठित अधिकृत उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) लखनऊ के पहले चुनाव की घोषणा विधिवत कर दी गई है।  समिति के संयोजक प्रभात त्रिपाठी ने आज एनेक्सी मिडिया सेन्टर लखनऊ मै राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त पत्रकारो की मौजूदगी मे चुनाव कार्यक्रम और 5 सदस्यीय चुनाव कमेटी की घोषणा करते हुए बताया कि पुनर्गठित समिति का पहला चुनाव 25 माच॔ 2026 दिन बुधवार को कराया जायेगा। 16 माच॔ से 20 माच॔ तक नामांकन पत्र भरने का काम किया जायेगा।  नाम वापसी की तारीख 23 माच॔ है। नये सदस्य बनाए जाने का काम 15 माच॔ 2026 तक चालू रहेगा।  वोटर लिस्ट 15 माच॔ को देर शाम तक जारी कर दी जायेगी। 15 माच॔ के बाद किसी को सदस्य नही बनाया जाएगा। जो सदस्य अतिंम वोटर लिस्ट मे होगा वही मतदान कर सकेगा। समिति के संयोजक प्रभात त्रिपाठी ने 5 सदस्यीय चुनाव समिति का भी एलान कर दिया है।  चुनाव समिति मे वरिष्ठ पत्रकार  उमेश चन्द्र मिश्र शास्वत तिवारी अजीत सिंह  रविशंकर उपाध्याय  दिलीप सिंह (चैनल से ) शामिल है।  चुनाव कमेटी का सहयोग उमाकांत बाज...

पत्रकारिता की ताकत ही लोकतंत्र की असली आवाज़ है: आलोक कुमार त्रिपाठी

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राष्ट्रीय विस्तार की ओर लखनऊ जर्नलिस्ट एसोसिएशन के मजबूत कदम पत्रकार सुरक्षा आयोग और पेंशन जैसे मुद्दों पर हुआ मंथन लखनऊ। लखनऊ जर्नलिस्ट एसोसिएशन की मासिक बैठक का आयोजन राजधानी लखनऊ में गरिमामय वातावरण में किया गया। बैठक में पत्रकारों के समक्ष मौजूद चुनौतियों, संगठन के विस्तार और पत्रकारों की सुरक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ। बैठक में  राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार त्रिपाठी ने अपने विचारों से पत्रकारों में नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा का संचार किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकारिता अपने आप में एक कठिन, जोखिमभरा और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य है, लेकिन सत्य को सामने लाना ही पत्रकार का सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जिस दिन पत्रकार शांत हो जाएंगे, उस दिन समाज को यह पता ही नहीं चलेगा कि देश और समाज में क्या घट रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकार सत्ता की कमियों को उजागर करता है, इसलिए चौथे स्तंभ को कमजोर करने के प्रयास लगातार होते रहे हैं, लेकिन संगठन की एकजुटता ही इसका सबसे बड़ा जवाब है। उन्होंने संगठन की उपलब्धियों पर प्रकाश ड...

पत्रकारिता की गरिमा और पहचान के लिए एकजुट हुई कलम की ताक़त..

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पत्रकारिता की गरिमा और पहचान के लिए एकजुट हुई कलम की ताक़त ड्रेस कोड अभियान बना पत्रकारों की एकता का प्रतीक विधान भवन के सामने दिखी चौथे स्तंभ की संगठित चेतना लखनऊ। पत्रकारिता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी पहल के रूप में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) के संयोजक वरिष्ठ पत्रकार प्रभात त्रिपाठी के आह्वान पर आज विधान भवन के सामने पत्रकारों की अभूतपूर्व एकजुटता देखने को मिली। यह आयोजन किसी एक व्यक्ति का निजी अभियान नहीं, बल्कि पत्रकारिता की सामूहिक पहचान, गरिमा और एकता को पुनः स्थापित करने की दिशा में उठाया गया सशक्त कदम माना जा रहा है।    संयोजक प्रभात त्रिपाठी ने अपने संबोधन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि ड्रेस कोड अभियान किसी विचारधारा को थोपने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह पत्रकारों के बीच अनुशासन, सम्मान और सामाजिक पहचान को मजबूत करने का एक सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा कि सहमति और असहमति लोकतंत्र की आत्मा है, किंतु आपसी कटुता, कटाक्ष और व्यक्तिगत आक्षेप पत्रकारिता की साख को कमजोर करते हैं। यदि हम अपने चौथे स्तंभ क...