लॉक डाउन फेज 2 ने बढ़ाई अधिवक्ताओ की मुसीबत
आज हमारे देश के यसस्वी प्रधानमंत्री जी ने जनता से मुखातिब होते हुए सम्पूर्ण विश्व मे फैली महामारी को लेकर एक संबोधन किया जिसमें बताया कि भारत वर्ष को भी महामारी ने विस्तृत रूप से अपनी चपेट में ले रखा है इस भयावह महामारी से बचने के लिए सिर्फ एक इलाज संभव जो कि हमे आपको ही करना है वो लॉक डाउन, सामाजिक दूरी, जहां तक हम पिछले 21 दिनों से माननीय द्वारा निर्धारित लॉक डाउन का पालन करते आ रहे है। बताते चले ऐसी भयानक जानलेवा बीमारी के चलते पिछले 21 दिनों से पूरे देश मे लॉक डाउन की स्थिति चल रही है ऐसी स्थिति में आम नागरिक का भरण पोषण की प्रक्रिया वहुत ही प्रभावित हो गई है जहाँ एक तरफ सरकार द्वारा गरीब रोज मर्रा कमाI करने वालो की मदद हेतु के योजनाओ का संचालन किया जा रहा ,जैसे कि गरीबो के लिए राशन वितरण , कम्युनिटी किचेन द्वारा भोजन वितरण वही गरीब लाभार्थियों को पेंशन आदि की व्यवस्था की गई है वही सरकार द्वारा एक ऐसे समाज को अनदेखा कर दिया गया है जो कि रोज मर्रा की तरह जीवन यापन करता है वो समाज है अधिवक्ता समाज जिसे सरकार के साथ साथ अधिवक्ता हित की बात करने वाले बार कौंसिल, लोकल बार एसोसिएशन के पदधिकारियो ने भी इस समाज को ऐसी भयानक स्थिति में भी मरने के लिए छोड़ दिया है वैसे ये वही बार है जो कि वार्षिक चुनाव में अधिवक्ता हीत की बात करते हुए जान न्योछावर करने का वादा करते है और आज जब वाकई में अधिवक्ता बंधु की मदद करने का समय आया है तब सब के सब कानो में तेल डाल कर घरो में पैक होकर लॉक डाउन का पूरा पालन करते नजर आ रहे है और रोज कमाकर अपने घर को चलाने वाला एक आम अधिवक्ता किन परिस्थितयो में अपना जीवन यापन कर रहा है ये वो ही जकङ सकता है। राज्य सरकार की तरफ से भी नही मिली कोई राहत आपको बताते हुए बड़ा ही अफसोस होता है कि उत्तरप्रदेश की सरकार के कई बड़े मंत्री लखनऊ में ही है यहां तक उत्तर प्रदेश सरकार के न्याय व विधि मंत्री जी भी लखनऊ में ही है और वो एक राजनेता के साथ साथ एक आधिवक्ता भी है और तो और वो हमारे लोकल बार म सदस्य भी है उन्होंने भी अधिवक्ताओ के लिए किसी भी प्रकार का कोई ऐसा निर्णय न ले सके जो कि उनके लिए हितकारी साबित हो सके।
प्राप्त जानकारी की बात कही जाए तो जिस स्थान पर लखनऊ न्यायालय स्थित है उस क्षेत्र के सांसद देश के यसस्वी गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी के क्षेत्र में आता है और लोकल बार के पदाधिकारी गण महोदय को अपने शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित तो कर सकते है लेकिन इस स्थिति में आधिवक्ता के हिट के लिए वो अक्षम साबित हो रहे है ऐसी स्थिति आम आधिवक्ता के लिए बहुत मुसीबत का कारण बन सकती है
रिपोर्ट- राहुल कुमार राठौर
सिटी रिपोर्टर लखनऊ
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