पत्रकारिता की गरिमा और पहचान के लिए एकजुट हुई कलम की ताक़त..
पत्रकारिता की गरिमा और पहचान के लिए एकजुट हुई कलम की ताक़त ड्रेस कोड अभियान बना पत्रकारों की एकता का प्रतीक विधान भवन के सामने दिखी चौथे स्तंभ की संगठित चेतना लखनऊ। पत्रकारिता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी पहल के रूप में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) के संयोजक वरिष्ठ पत्रकार प्रभात त्रिपाठी के आह्वान पर आज विधान भवन के सामने पत्रकारों की अभूतपूर्व एकजुटता देखने को मिली। यह आयोजन किसी एक व्यक्ति का निजी अभियान नहीं, बल्कि पत्रकारिता की सामूहिक पहचान, गरिमा और एकता को पुनः स्थापित करने की दिशा में उठाया गया सशक्त कदम माना जा रहा है। संयोजक प्रभात त्रिपाठी ने अपने संबोधन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि ड्रेस कोड अभियान किसी विचारधारा को थोपने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह पत्रकारों के बीच अनुशासन, सम्मान और सामाजिक पहचान को मजबूत करने का एक सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा कि सहमति और असहमति लोकतंत्र की आत्मा है, किंतु आपसी कटुता, कटाक्ष और व्यक्तिगत आक्षेप पत्रकारिता की साख को कमजोर करते हैं। यदि हम अपने चौथे स्तंभ क...